Thursday, July 28, 2016

बेबस पुत्र

एक माँ सुबह सुबह अपने पुत्र को जगा रही थी 
उसे उसके सपनो की दुनिया से 
वापस बुला रही थी 
उठो बेटा वरना कॉलेज के लिए
देर हो जायेगी 
और यदि देर से पहुंचे तो 
परेशानियाँ ढेर हो जायेंगी
मै तुम्हारी माँ तुम्हे जगाती हूँ 
तुम तैयार हो जाओ 
मै तबतक नाश्ता लगाती हूँ
कितु मित्रों 
पुत्र का मूड बिलकुल बिगड़ा हुआ था 
वो पूरा का पूरा हत्थे से उखड़ा हुआ था 
बोला
माँ आज से मै कॉलेज नहीं जाऊंगा 
और जो तूने जिद की तो 
मै भोजन आदि भी नहीं खाऊंगा 
मुझे कॉलेज बिलकुल पसंद नहीं आता है 
हर कोई वह मेरा मजाक ही बनता है 
माँ समझदार थी समझाते हुए कहा 
पुत्र जिद तो मै ना करुँगी, लेकिन 
इतना जरुर कहूँगी 
कि सिर्फ दो कारण बताओ कि 
तुम कॉलेज क्यों नहीं जाना चाहते हो 
अपने भविष्य की ज्योति 
क्यों नहीं जलना चाहते हो ?
सुनकर माँ की बात पुत्र ने कहा 
माँ तुमने पूछा है तो जरुर बताऊंगा 
यों तो कारण अनेक है किन्तु 
मै आपको दो प्रमुख कारण बताऊंगा 
प्रथम तो यह कि 
एक भी छात्र मुझे पसंद नहीं करता है 
प्रत्येक छण हर छात्र 
मेरे पीछे ही पड़ा रहता है 
कही रोष में आकर कुछ गलत ना कर दूं
ये भी डर है 
और कॉलेज से निकले जाने 
का भी खतरा बना रहता है 
दूसरा कारण यह है कि 
एक भी प्रोफेसर मुझे पसंद नहीं करता है 
प्रत्येक प्राणी कॉलेज में 
सिर्फ मुझसे ही जलता है 
मै इतनी नफरत अब और सहन नहीं कर सकता 
और माँ तुमसे विनती है 
मै अब कॉलेज नहीं जा सकता 
वैसे माँ कॉलेज जाने का 
कोई कारण तू मुझे बता सकती है 
क्या मेरी इस समस्या का 
तू निवारण कर सकती है 
इस पर माँ बोली 
चल बहुत हो गया रोष 
अब मुझे भी आ रहा है क्रोध 
कारण तो पुत्र मै भी बता सकती हूँ
एक ही नहीं बल्कि 
अनेकों गिनवा सकती हूँ 
पहला तो यह कि तू 
पूरे पचपन बरस का है 
और 
अगर कॉलेज नहीं जाएगा 
तो क्या घर पर बैठ कर 
दिन भर मेरा भेजा खायेगा 
और दूसरा 
बेटा तू कितना भी रो ले 
तेरा तो कॉलेज जाना अटल है 
क्योंकि तू 
इस कॉलेज का प्रिंसिपल है 

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