एक माँ सुबह सुबह
अपने पुत्र को जगा रही थी
उसे उसके सपनो की दुनिया से
वापस बुला रही थी
उठो बेटा वरना कॉलेज के लिए
देर हो जायेगी
और यदि देर से पहुंचे तो
परेशानियाँ ढेर हो जायेंगी
मै तुम्हारी माँ तुम्हे जगाती हूँ
तुम तैयार हो जाओ
मै तबतक नाश्ता लगाती हूँ
कितु मित्रों
पुत्र का मूड बिलकुल बिगड़ा हुआ था
वो पूरा का पूरा हत्थे से उखड़ा हुआ था
बोला –
माँ आज से मै कॉलेज नहीं जाऊंगा
और जो तूने जिद की तो
मै भोजन आदि भी नहीं खाऊंगा
मुझे कॉलेज बिलकुल पसंद नहीं आता है
हर कोई वह मेरा मजाक ही बनता है
माँ समझदार थी समझाते हुए कहा
पुत्र जिद तो मै ना करुँगी, लेकिन
इतना जरुर कहूँगी
कि सिर्फ दो कारण बताओ कि
तुम कॉलेज क्यों नहीं जाना चाहते हो
अपने भविष्य की ज्योति
क्यों नहीं जलना चाहते हो ?
सुनकर माँ की बात पुत्र ने कहा
माँ तुमने पूछा है तो जरुर बताऊंगा
यों तो कारण अनेक है किन्तु
मै आपको दो प्रमुख कारण बताऊंगा
प्रथम तो यह कि
एक भी छात्र मुझे पसंद नहीं करता है
प्रत्येक छण हर छात्र
मेरे पीछे ही पड़ा रहता है
कही रोष में आकर कुछ गलत ना कर दूं
ये भी डर है
और कॉलेज से निकले जाने
का भी खतरा बना रहता है
दूसरा कारण यह है कि
एक भी प्रोफेसर मुझे पसंद नहीं करता है
प्रत्येक प्राणी कॉलेज में
सिर्फ मुझसे ही जलता है
मै इतनी नफरत अब और सहन नहीं कर सकता
और माँ तुमसे विनती है
मै अब कॉलेज नहीं जा सकता
वैसे माँ कॉलेज जाने का
कोई कारण तू मुझे बता सकती है
क्या मेरी इस समस्या का
तू निवारण कर सकती है
इस पर माँ बोली
चल बहुत हो गया रोष
अब मुझे भी आ रहा है क्रोध
कारण तो पुत्र मै भी बता सकती हूँ
एक ही नहीं बल्कि
अनेकों गिनवा सकती हूँ
पहला तो यह कि तू
पूरे पचपन बरस का है
और
अगर कॉलेज नहीं जाएगा
तो क्या घर पर बैठ कर
दिन भर मेरा भेजा खायेगा
और दूसरा
बेटा तू कितना भी रो ले
तेरा तो कॉलेज जाना अटल है
क्योंकि तू
इस कॉलेज का प्रिंसिपल है
उसे उसके सपनो की दुनिया से
वापस बुला रही थी
उठो बेटा वरना कॉलेज के लिए
देर हो जायेगी
और यदि देर से पहुंचे तो
परेशानियाँ ढेर हो जायेंगी
मै तुम्हारी माँ तुम्हे जगाती हूँ
तुम तैयार हो जाओ
मै तबतक नाश्ता लगाती हूँ
कितु मित्रों
पुत्र का मूड बिलकुल बिगड़ा हुआ था
वो पूरा का पूरा हत्थे से उखड़ा हुआ था
बोला –
माँ आज से मै कॉलेज नहीं जाऊंगा
और जो तूने जिद की तो
मै भोजन आदि भी नहीं खाऊंगा
मुझे कॉलेज बिलकुल पसंद नहीं आता है
हर कोई वह मेरा मजाक ही बनता है
माँ समझदार थी समझाते हुए कहा
पुत्र जिद तो मै ना करुँगी, लेकिन
इतना जरुर कहूँगी
कि सिर्फ दो कारण बताओ कि
तुम कॉलेज क्यों नहीं जाना चाहते हो
अपने भविष्य की ज्योति
क्यों नहीं जलना चाहते हो ?
सुनकर माँ की बात पुत्र ने कहा
माँ तुमने पूछा है तो जरुर बताऊंगा
यों तो कारण अनेक है किन्तु
मै आपको दो प्रमुख कारण बताऊंगा
प्रथम तो यह कि
एक भी छात्र मुझे पसंद नहीं करता है
प्रत्येक छण हर छात्र
मेरे पीछे ही पड़ा रहता है
कही रोष में आकर कुछ गलत ना कर दूं
ये भी डर है
और कॉलेज से निकले जाने
का भी खतरा बना रहता है
दूसरा कारण यह है कि
एक भी प्रोफेसर मुझे पसंद नहीं करता है
प्रत्येक प्राणी कॉलेज में
सिर्फ मुझसे ही जलता है
मै इतनी नफरत अब और सहन नहीं कर सकता
और माँ तुमसे विनती है
मै अब कॉलेज नहीं जा सकता
वैसे माँ कॉलेज जाने का
कोई कारण तू मुझे बता सकती है
क्या मेरी इस समस्या का
तू निवारण कर सकती है
इस पर माँ बोली
चल बहुत हो गया रोष
अब मुझे भी आ रहा है क्रोध
कारण तो पुत्र मै भी बता सकती हूँ
एक ही नहीं बल्कि
अनेकों गिनवा सकती हूँ
पहला तो यह कि तू
पूरे पचपन बरस का है
और
अगर कॉलेज नहीं जाएगा
तो क्या घर पर बैठ कर
दिन भर मेरा भेजा खायेगा
और दूसरा
बेटा तू कितना भी रो ले
तेरा तो कॉलेज जाना अटल है
क्योंकि तू
इस कॉलेज का प्रिंसिपल है
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