Thursday, July 28, 2016

नेता जी का मार्केटिंग ज्ञान

चुनाव का मौसम है तो एक बार फिर,

नेता जी का मार्केटिंग ज्ञान 

एक प्रसिद्ध नेता ने 
अपनी पार्टी का 
वोट बैंक बढाने को

और देश के युवाओं को 
एक बार फिर अपने 
पैंतरों से लुभाने को 

मार्केटिंग मैनेजमेंट का कोर्स कर लिया 
और अपने इस ज्ञान को 
अपने चुनावी जीवन में भी भर लिया |

चुनावों का समय नजदीक आ रहा था 
और 
हर पार्टी पर इसका रंग छा रहा था |

इसी दौरान एक पत्रकार ने 
नेताजी के ज्ञान को टटोला 
पूरी तयारी के साथ उनपर हल्ला बोला 
किन्तु नेताजी भी
कोई ऐरे गैरे नहीं थे 
पार्टी के बड़े स्तम्भ थे 
कोई नत्थू खैरे नहीं थे |

उन्होंने तुरंत अपना चुनावी एजेंडा बतलाया 
उस पत्रकार को अपना 
मार्केटिंग का चुनावी फंडा बतलाया |

जनता द्वारा दिए गया वोट के बदले 
चुनावी वादों एवं भाषणों का 
ऐसा क्रियान्वन 
जहाँ उनके सुख, समृद्धी एवं 
संपूर्ण प्रगति का पूरा पूरा हो 
सिर्फ आश्वासन 
इसी प्रक्रिया को मेरे बन्धु 
आज के सन्दर्भ में कहते है
चुनावी विपणन|”

हमारी भी अपनी मासलोस थ्योरी है :
आपको क्या लगता है 
हमने राजनीति में सिर्फ 
मिट्टी ही कोड़ी है |

पहले चरण में हम 
जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरा करेंगे 
और 
दरिद्र योजनाओं के नाम पर अपने घर भरेंगे 
हर गरीब हमारे राज में रोटी कपड़ा और आश्रय पायेगा 
साथ ही साथ 
शिक्षा और चिकित्सा का भी पूरा लाभ उठाएगा |
लेकिन इन सबसे पहले हमें यह देखना होगा कि 
इसका कितना परसेंटेज हमें मिल पायेगा ?
और जिसने भी इसके खिलाफ आवाज उठाई 
वो धरती पर दोबारा नजर नहीं आएगा |

दुसरे चरण में हम :
देश की बाह्य व आंतरिक सुरक्षा पर जोर देंगे 
देश पर आने वाली हर बाधा का मुँह मोड़ देंगे |
विदेशो से अथ्याधुनिक हथियार मंगाए जायेंगे 
और इसी बहाने दलाली से अरबो कमाए जायेंगे |
अरे पाकिस्तान को तो हम्रारी जनता का 
गुस्सा ही देख लेगा 
और फिर भी कुछ बचा तो 
अकेला सन्नी देओल ही देख लेगा |
हम चीन से सुरक्षा का विशेष प्रबंध करेने 
और 
हमारे चीनी भाइयो से यही निवेदन करेंगे
हिन्दी चीनी भाई भाई अब मान भी जाओ 
एक अरुणाचल क्या
पूरा देश तुम्हारा है ये जान भी जाओ |
और हमारे स्विस बैंक के अकाउंट फलते फूलते रहे 
फिर चाहे मेरी देश की जनता तुम भाड़ में जाओ |
देश की आंतरिक सुरक्षा की भी 
पूरी व्यवस्था की जायेगी 
साम्प्रदायिकता, उग्रवाद व गुंडागर्दी से 
पूरी सुरक्षा की जायेगी |
इनको मिटाने के बहाने 
बड़े बड़े अभियान चलाये जायेंगे 
और इन्ही अभियानों की आड़ में 
इनके राशन पानी पहुचाये जायेंगे |
क्योंकि ,
अगले इलेक्शन में यही तो है 
जो हमें फिर से चुनाव जिताएंगे |
आम आदमी की सुरक्षा का 
हमारी तरफ से 
पूरा ध्यान रखा जाएगा 
और उसकी सुविधा के लिए 
हर पुलिस स्टेशन में एक 
रेट चार्ट टांग दिया जाएगा |
हम अपनी जनता के प्रति पूरी तरह ईमानदार है 
और चूना लगाने के इसी प्रकार और भी विचार है |

तीसरे चरण में 
हम देश में व्याप्त सामाजिक असमानता 
की खाई को भरेंगे 
माना कि कुछ आन्दोलन होंगे 
और 
कुछ लोग भी मरेंगे |
लेकिन 
इन शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा 
ना ही गरीब कभी अमीर होगा 
और ना ही
अम्रीर कभी गरीबी रेखा में पाया जाएगा |
विशेष आरक्षण और पैकेज का झांसा 
जनता को देना पड़ेगा |
और इन तबको से भी इसबार 
कैसे भी वोट लेना पड़ेगा |
नहीं तो अपनी नैया पार नहीं होगी 
और दलितों व अल्पसंख्यकों में 
अपनी जय जयकार नहीं होगी |
नारी उन्नति के लिए विशेष कार्यक्रम चलाया जाएगा 
और 
हमारी घर की महिलाओं को इसका इंचार्ज बनाए जाएगा |
ऐसे महान कार्यो की शुरुआत 
हमारे खुद के घर से हो 
इस से बढ़िया उदाहरण कहाँ पाया जाएगा | 

चौथे चरण में 
हम जनता के भण्डार भर देंगे 
सेल्फ एस्टीमड की
हर परिभाषा को बेकार कर देंगे |
ग्लोबलाइजेशन को बढ़ावा दिया जाएगा 
और सरकारी दफ्तरों का काम भी 
प्राइवेट कंपनियो की तरह चलाया जाएगा |
जनता की सेवा में किसी भी प्रकार की 
कमी नहीं रहेगी 
और इस दौर में घोटालो की लाइन भी 
लम्बी ही रहेगी |
हमारा मानना है देश 
अमेरिका से भी आगे निकल जाएगा 
और अन्दर ही अन्दर 
देश का दिवाला निकल जाएगा |
अरे हमसे तो सांप भी विष चढ़वाने आता है 
मगरमच्छ भी इसी दरवाजे पर ट्रेनिंग पाता है 
गिरगिट रिश्ते में हमारा चेला कहलाता है 
और लोमड़ी का जीवन भी यही से ज्ञान पाता है|
जनता से किए सब वादे पूरे किए जायेंगे 
और 
पांच साल बाद उन्ही वादों को पूरा करने फिर आयेंगे 
किन्तु मित्रो :
तभी जाने कहा से उस पत्रकार पर 
शनि की कोप दृष्टि छाई 
जो उसने नेताजी की बात के बीच में अपनी 
फ़ालतू टांग अडाई
वो बोला  
मान्यवर ,
आपने तो चार चरणों में ही पांच साल बिता दिए
क्या पांचवे चरण को पूरा स्मृति से ही भुला गए 
या फिर आपका मार्केटिंग ज्ञान थोरा कमजोर है 
या फिर आपकी डिग्री का कोई और ही श्रोत है |”
नेताजी यह सुनते ही पूरा कुपित हो गए 
उनका यह रौद्र रूप देखकर सभी भयभीत हो गए |
उन्होंने कहा
पांचवे चरण को हमने नहीं बिसराया है 
किन्तु तुम जैसे 
मंदबुद्धि को इसका आभास नहीं हो पाया है 
पांचवा चरण हमेशा पांच सालो के बाद आता है 
जनता को स्वयमेव सबसे ऊँचे आसन पे बिठाता है 
इस दौर में ,
जनता का वास्तविक राज चलता है 
एवं प्रत्येक नेता 
जनता को लुभाने में लगा रहता है 
हम जैसे लोग सच में भिखारी नजर आते है 
एक एक वोट पर अपनी लार टपकाते है |
लोगो को सब्जबाग दिखाकर या कभी डरा धमकाकर 
हम उन बंधुओ का वोट पाते है |
वैसे मेरी जीत पर कोई संकट नहीं है 
ये चुनावी समस्या मेरे लिए विकट नहीं है |
फिर भी यदि जरुरत पड़ी तो-
दो चार दंगे करवा देंगे 
भाई भाई को आपस में 
बेबात के लड़वा देंगे |
इससे भी बात ना बनी तो बूथ कैपचरिंग करवाएंगे 
आखिर हमारे इलाके के गुंडे हमें कब काम आयेंगे 
चाहे जैसे भी हो 
ये पांचवा चरण पूरा करना है 
और जनता की 
उम्मीदों को जिन्दा रखना है 
क्योंकि यदि हम 
पांचवा चरण पूरा नहीं कर पायेंगे 
तो पुनः जनता को 
पहले चरण में किस प्रकार लायेंगे |
अतः जो भी हो श्रीमान 
देख लीजिये 
पूरा है हमारा मार्केटिंग ज्ञान |
इन चुनावो में भी देख जाईयेगा 
इस कुर्सी पर पुनः 
मेरे जैसा ही कोई पायियेगा 

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