दीपक
जिंदगी भर जिंदगी की जुस्तजू बनी रही मिली जिस हाल में भी हो गुफ्तगू बनी रही
Thursday, July 28, 2016
ये कुछ और नहीं तेरे जलवों का असर है
जो,
जीते को जीने नहीं देता,
और
मरते को मरने नहीं देता
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