दीपक
जिंदगी भर जिंदगी की जुस्तजू बनी रही मिली जिस हाल में भी हो गुफ्तगू बनी रही
Tuesday, July 26, 2016
वो आकर पहलु में आज बैठे भी इसतरह
कि देखकर ये गुमां हुआ शायद कहीं मिले है
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