Monday, August 15, 2016

मन में प्यार का दीप जला बैठे हैं

मन में प्यार का दीप जला बैठे हैं
हार कर दिल से दिल गवां बैठे है

बीत गए लम्हे मेरे इंतजार के
रखे हुए सारे अरमान लुटा बैठे है

निगाहों में शायद बस गया है कोई
भान है हमें किससे दिल लगा बैठे है

यादों में शायद मेरी बस गया है कोई
रस्तों पे उनके लिए पलके बिछा बैठे है

कह देना ऐ हवाओं जाकर उनसे
रब दी सौ हम प्यार जता बैठे है

ताउम्र हम जलते रहेंगे उनके प्यार में
है खबर हम किससे दिल लगा बैठे है 

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