कुछ वक्त बेकदर था कुछ तुम भी बेखबर थे
हमने भी बहुत चाहा पर होंठ सिल गए थे
जलते है सोचकर उन शख्सों की खुशनसीबी
जिन्हें तेरी सोहबत के कुछ पल मयस्सर थे
जमाने ने हमको दीवाना भी कह दिया
कुछ तुममे उलझे हमी इसकदर थे
तेरी सगाई की खबर जो हमतक पहुंची
नयनों से बहते बस आंसुओं के सागर थे
आता है याद अब भी गुजरा हुआ ज़माना
सोचते है हम भी आखिर कितने बेअसर थे
हमने भी बहुत चाहा पर होंठ सिल गए थे
जलते है सोचकर उन शख्सों की खुशनसीबी
जिन्हें तेरी सोहबत के कुछ पल मयस्सर थे
जमाने ने हमको दीवाना भी कह दिया
कुछ तुममे उलझे हमी इसकदर थे
तेरी सगाई की खबर जो हमतक पहुंची
नयनों से बहते बस आंसुओं के सागर थे
आता है याद अब भी गुजरा हुआ ज़माना
सोचते है हम भी आखिर कितने बेअसर थे
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